Home HUMOUR क्या होता है “मिस्यार” विवाह, क्या होती है इसकी शर्ते..

क्या होता है “मिस्यार” विवाह, क्या होती है इसकी शर्ते..

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“सऊदी अरब” इस देश को कोन नही जानता. लेकीन इस देश कि एक छुपी जानकारी है जो आज तक किसीको नही मालूम. क्योकी इस सच जानबुजकर छुपाया जाता है ताकी ये घीनोना सच दुनिया के सामने ना आ जाये.

आज हम आपको एक ऐसी जानकारी देने वाले है जिसे सऊदी अरब में “मिस्यार” से जाना जाता है.

“सऊदी अरब” में में पुरुष महिलाओ मात्र एक संभोग का सामान समझते है. और उनके साथ ऐसा घीनोना काम करते है जो जानकर आपको हैरानी होगी. जिस तरह शियाओ में “मुता” निकाह होता था उसी प्रकार का ये निकाह होता है. इसमें निकाह कितने समय तक चलेगा ये पहले से हि तय होता है. ये निकाह सिर्फ और सिर्फ महिलाओ के साथ संभोग करने के लिये हि किया जाता है.

लेकीन “मिस्यार” इससे थोडा अलग है.

मुता निकाह में एक समय तय होता है उसके बाद जैसे हि ये समय खत्म होता है इस शादी को खत्म मान लिया जाता है यानी दोनो पती पत्नी एक दुसरे से अलग हो जाते है.

लेकीन “मिस्यार” में ऐसा नही होता है. “मिस्यार” एक अस्थायी शादी होती है यानी पती पत्नी जबतक अपना मन चाहे एक दुसरे के साथ रह सकते है. ये शादी सिर्फ संभोग के लिये कि जाती है और इस शादी में एक दुसरे के रहने कि भी कोई जरुरत नही होती.

आपको संभोग करने का मन किया महिला को फोन करो, किसीभी जगह बुलाओ संभोग करो और अपने अपने घर चले जाओ. और अगर पुरष का इस शादी से मन भर जाये तो वो सिर्फ महिला को बता देता है अब ये रिश्ता आगे नही रहेगा. और फिर ये “मिस्यार” निकाह खत्म हो जाता है. पुरुष को ये पुरी आजादी रहती है को कितने भी “मिस्यार” कर सकता है.

आपको बतादे कि “सऊदी अरब” 70 फिसदी शादिया “मिस्यार” शादिया होती है. केवल संभोग के लिये अस्थायी रूप से कि जानी वाली शादी को “मिस्यार” कहते है.

 

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