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जाबांज सुनीता ने बचाई फतहसागर में डूबते युवक की जान

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जाबांज सुनीता ने बचाई फतहसागर में डूबते युवक की जान
– फतहसागर की पाल पर कल आत्महत्या करने पानी में कूदा था युवक
– सुनीता ने कहा- फोटो व वीडियो बनाने के बजाए मदद को बढाएं हाथ
उदयपुर, 30 जुलाई। फतहसागर झील की पाल पर रविवार के दिन जब हजारों की भीड एक युवक को डूबता देख तमाशाबीन बनी हुई थी तो उसी वक़्त आसपुर की बेटी सुनीता चौबीसा ने अपने बुलेंद हौंसलों से तुरंत फतहसागर झील में छलांग लगाई और डूबते युवक की जान बचाकर उसे बाहर ले आई।
खूबसूरत शहर उदयपुर की ऐतिहासिक फतहसागर झील। रविवार का दिन जहां शाम के वक़्त पाल पर हजारों की भीड मौजूद थी। रात करीब 8 बजे का वक़्त था। भीलवाडा निवासी भूपेन्द्र जो कि उदियापोल क्षेत्र में स्थित अम्बे होटल में बर्तन साफ़ करने का काम करता है ने पाल के पहली छतरी से आत्महत्या करने की नियत से छलांग लगा दी। पानी में डूब रहे युवक को देख रही भीड ने उसे बचाने की बजाए अपने मोबाइल निकाले और फोटो और वीडियो बनाने लगे। इसी दौरान अपने दोस्त के साथ इवनिंग वॉक पर आई आसपुर हाल देवाली निवासी सुनीता चौबीसा (20) पुत्री हरिप्रसाद चौबीसा ने युवक को डूबता देख तुरंत पानी में छलांग लगाई और उल्टा तैरते हुए युवक को पैरों से धकेल कर किनारे पर लाई और उसकी जान बचा ली। इस बीच वहां पहुंची पुलिस की मदद से युवक को थाने ले जाया गया जहां पुलिस ने युवक से पूछताछ की।
सुनीता चौबीसा ने बताया कि दो साल पहले भी इसी तरह उसने फतहसागर में डूबती एक महिला को बचाया था जिसके लिए उसे ’रानी लक्ष्मीबाई अवार्ड’ से भी नवाजा जा चुका है। तैराकी में बेस्ट स्वीमर रह चुकी सुनीता ने वर्ष 2016 में ’वनराज एनसीसी यूनिट’ में रहते हुए राजस्थान तैराकी टीम का प्रतिनिधित्व करते हुए कर्नाटक के काटवाड में स्थित अरेबियन सी में तैराकी प्रतियोगिता में भाग लिया था जिसमें उन्हें बेस्ट स्वीमर चुना गया था। सुनीता सुखाड़िया विवि में एमएससी की स्टूडेंट है। इनके पिता पेशे से सरकारी अध्यापक है।
प्रशासन रेस्क्यू टीम करें तैनात: जाबांज सुनीता ने कहा कि लेकसिटी जो विश्व पटल पर प्रसिद्घ है और यहां की झीलें हमारी शान है लेकिन इन झीलों के किनारे प्रशासन की ओर से सुरक्षा की दृष्टि से किसी तरह की रेस्क्यू टीम मौजूद नहीं ऐसे में कई बार झीलों में कूदकर आत्महत्या के मामले सामने आते रहते है। उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया वे झील किनारे रेस्क्यू टीम तैनात करें ताकि किसी भी तरह की अनहोनी घटना पर समय रहते काबू पाया जा सके।
फोटो व वीडियो बनाने के बजाए मदद को आगे बढे: सुनीता ने लोगों से आव्हान किया कि किसी की मदद के लिए आगे हाथ बढाना ही सबकी पहली जिम्मेदारी है। सुनीता ने कहा कि मोबाइल में सेल्फी बनाना, डूबते युवक की फोटो व वीडियो को सोश्यल मीडिया पर वायरल करने से ज्यादा महत्वपूर्ण उसकी जान बचाना है। इस जाबांज बेटी ने युवक की जान ही नहीं बचाई बल्कि वह मदद के लिए हाथ बढाने के बाद खामोशी से वहां से निकल गई।

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